Haryana Weather : हरियाणा में मानसून की दस्तक! अचानक बढ़ी बारिश और नमी ने बदला मौसम का मिजाज

Haryana Weather: चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने जानकारी दी है कि मानसून टर्फ की उत्तरी सीमा अब बीकानेर से लेकर उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। यह एक अहम संकेत है कि बंगाल की खाड़ी की तरफ से नमी युक्त मानसूनी हवाएं हरियाणा की ओर तेजी से बढ़ रही हैं। इन हवाओं के असर से राज्य का मौसम लगातार बदलता रहेगा और बारिश की संभावना बनी रहेगी।
राजस्थान के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना
राजस्थान के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बनने से हरियाणा में मानसून और भी ज्यादा सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग का कहना है कि 18 जुलाई तक यह स्थिति बनी रह सकती है। इसका मतलब है कि अगले कुछ दिनों तक हरियाणा में रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी। खासकर दोपहर या शाम के समय गरज-चमक के साथ तेज हवाएं और हल्की से मध्यम बारिश की संभावनाएं प्रबल हैं।

नमी में हुआ इजाफा
लगातार बारिश और हवाओं की वजह से वातावरण में नमी का स्तर बहुत अधिक हो गया है। खेतों में मिट्टी गीली हो गई है जिससे फसलों को राहत मिली है। यह स्थिति किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है क्योंकि बारिश से धान और सब्जियों जैसी खरीफ फसलों को सीधा लाभ मिल रहा है। हालांकि अत्यधिक नमी से कुछ स्थानों पर कीटों और फफूंद का खतरा भी बढ़ सकता है।
बरसात ने तोड़े पुराने रिकॉर्ड
इस साल हरियाणा में बारिश ने पिछले वर्षों के आंकड़ों को पीछे छोड़ दिया है। अब तक औसतन 185 एमएम बारिश हो चुकी है जबकि सामान्यतः यह आंकड़ा 133.2 एमएम होता है। यानी इस बार 39 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि इस सीजन में मानसून ने कुछ ज्यादा ही मेहरबानी दिखाई है।
कृषि और जनजीवन पर असर
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस बारिश से खरीफ की फसलों को बड़ा फायदा मिलेगा। धान, मक्का और सब्जियों की बुवाई में तेजी आई है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों का मनोबल बढ़ा है और वे इस मौसम का भरपूर लाभ उठाने की कोशिश में लगे हैं। हालांकि शहरी इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक की समस्या भी उभर रही है लेकिन कुल मिलाकर बारिश ने राहत दी है।